dohe manoj ke...........
गुरु कृपा देता हमें ,ज्ञान पुष्प का दान |
जब चरणों में शीश हो, मन में हो सम्मान ||
गुरु का आशीर्वाद हीं ,ईश्वर का वरदान |
बिन गुरु के संभव नहीं ,ईश्वर की पहचान ||
अथक परिश्रम सृजन से, मिलता सुन्दर अर्थ |
गुरुओं के सद्प्रेम से ,जीवन बने समर्थ ||
घोर तिमिर संसार में ,शिष्य
जहाँ फँस जाय|
अज्ञानी गुमराह को ,गुरु हीं रह दिखाय||
अज्ञानी गुमराह को ,गुरु हीं रह दिखाय||
गुरु-शिष्य की परम्परा ,पावन औ प्राचीन |
लेकिन अर्वाचीन में, बेबस और मलीन ||
लेकिन अर्वाचीन में, बेबस और मलीन ||
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